Monthly Archives: June 2017

मैं लिखना तबसे भूल चुका हूँ

दिल की बोली ही मेरी लिखाई थी,

मैं बेफिकरा सा शायर था.

नजाने कब नजरे मिली

कब प्यार हुआ

मैं लिखना तबसे भूल गया हूँ.
अब न इश्क़ रहा है अल्फ़ाज़ों में

सब सिमट गया है जज़बातों में

चैन नहीं रहता है दिन में

नींद नहीं है रातों में


चेहरा उसका दिखने लगा हैं

जब भी आंखें मूँदता हूँ.

अपनी लिखी हर बात में अब तो

मैं ज़िक्र उसी का ढूंढता हूँ.

जबसे नजरे मिली,

जबसे प्यार हुआ,

मैं लिखना तबसे भूल चुका हूँ.
अब कलम हाथ से छोड़ चुका हूँ

राह उसतक मोड़ चुका हूँ

होश नहीं रहता है खुदका

खयालों में उसके मैं खो चुका हूँ.
सच है वो या है कलपना मेरी
ये बात समझ मे आती नहीं है
नजाने कैसे ख़यालात ऐसे मैं मन में अपने बो चुका हूँ.

जबसे नजारे मिली,

जबसे प्यार हुआ है,

मैं लिखना तबसे भूल गया हूँ

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चल चले एक नए सफर पर

चल चले एक नए सफर पर, बांधकर पुरानी यादों के गठरी,
ढूंढने अंधेरे रास्तों पर 

उम्मीदों की नई रौशनी।


तो क्या फर्क पड़ता है अगर मंज़िल ना भी मिले तो

हसीन रास्तो पर हम चलते चलेंगे

गमो के समंदर में डूबके भी

खुशी का किनारा हम ढूंढ ही लेंगे।

जिंदगी की इस कशमकश में खुद से बेखबर हम हो चले थे

ढूंढने फिर से अपने आप को

चल चले एक नए सफर पर

Mujhe sabkuch yaad raega

Tum to yu bewafa hoke chali ja rhe ho,

Par mere saath har pal tera ehsaas rahega,

Tum bhool bhe jao shayad,

Par mujhe sab kuch yaad rahega.


Tumhe badalne me thoda waqt lagega,

Par ek din to tum badal jaogi he,

Chand naye logo se milogi,

Kuch naye dost bhe banaogi he.

Main shayad badal bhe jau ek din,

Par najane ye dil kab is baat ko samjhega,

Tum bhool bhe jao shayad ,

Par mujhe sab kuch yaad rahega.

Waqt guzre ga thoda,

Par tumhe koi mujhse acha mil he jaega.

Jo tumhare pal pal me bikharte baalo ko,

Saleeke tumhare gaalo se hatata rahega,

Jo tumhari har khushi har zaroorat ka bejhijhak khayal rakhega.

Shayad ek din tumhe wo humsafar mil he jaega.

Par main tumhe waisa he milunga,

Beete lamho ki dastaan, kore kagaz par likhta rahunga.

Par meri likhi har baat me ,

Zikar tera aata rahega.

Tum bhool bhe jao shayad,

Par mujhe sab kuch yaad rahega.